एक देश एक राशन कार्ड योजना

केंद्र सरकार वन नेशन वन टैक्स मतलब जीएसटी की तर्ज पर वन नेशन वन राशन कार्ड योजना (One Nation One Ration Card Scheme) को शुरू करने की तैयारी कर रही है। जिसके लिए आधार कार्ड को जोड़ कर एक देश एक राशन कार्ड योजना (One Nation One Ration Card Scheme) को शुरू किया जाएगा। कोई भी देश का नागरिक जिसके पास राशन कार्ड (Food Security Scheme) है वह देश के किसी भी राज्य के पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) दुकान से राशन खरीद पायेगा। इस सरकारी योजना का फायदा सबसे ज्यादा उन लोगों को मिलेगा जो नौकरी करने के लिए किसी दूसरे राज्य में रह रहें हैं। इसके साथ ही राशन की दुकानों पर पॉइन्ट ऑफ सेल (Point of sale – POS) मशीनें लगाई जाएंगी।

इसके अलावा देश के कई राज्यों में इस तरह यानि वन नेशन वन राशन कार्ड इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट पीडीएस (Integrated Management – IMPDS) के नाम से चल रही है। केंद्र सरकार एक देश एक राशन कार्ड (One Nation One Ration Card Yojana) के लिए जीएसटी की तरह ही 1 नेशन 1 राशन कार्ड के लिए अलग से डेटाबेस तैयार करेगी।

आधार कार्ड से लिंक होगी वन नेशन वन राशन कार्ड योजना 2020

देश में इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट पीडीएस (IMPDS) शुरू होने से प्रधानमंत्री को भारत को डिजिटल इंडिया बनाने में भी मदद मिलेगी।

वन नेशन वन राशन कार्ड कैसे करेगा काम

  1. वन नेशन वन राशन कार्ड में 10 अंकों का मानक राशन कार्ड नंबर शामिल होगा। इनमें से, पहले 2 अंक राज्य कोड को दर्शाएंगे और अगले 2 अंक राशन कार्ड नंबर होंगे।
  2. इन 4 अंकों के अलावा, राशन कार्ड में घर के प्रत्येक सदस्य के लिए अद्वितीय सदस्य आईडी बनाने के लिए राशन कार्ड नंबर के साथ एक और 2 अंकों का एक सेट जोड़ा जाएगा।
  3. इस कार्ड योजना मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह है।
  4. जिस तरह से हम अपने नंबर को वही रखते हुए दूसरे टेलीकॉम कंपनी की सेवा लेते हैं ठीक इसी तरह आप राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के तहत देश में किसी भी राज्य में रहें अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं।
  5. मान लीजिए कि एक राशनकार्ड पर पांच मेंबर हैं और पांचों अलग-अलग राज्यों में रह रहें है तो वह भी अपने हिस्से का राशन इन राज्यों में राशन की शॉप से ले सकते हैं।

केंद्र सरकार वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को पहले ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले साल 1 अगस्त से आंध्रप्रदेश-तेलंगाना और गुजरात-महाराष्ट्र के बीच राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी चला रही है जिसमें समय-समय पर अन्य राज्यों को भी जोड़ा गया था।

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में शामिल राज्य

एक देश एक राशन कार्ड योजना को पहले से ही निम्न्लिखित 17 राज्यों में चलाया जा रहा है जिनकी सूची इस प्रकार है:-

  1. आंध्र प्रदेश
  2. तेलंगाना
  3. गुजरात
  4. महाराष्ट्र
  5. हरियाणा
  6. राजस्थान
  7. कर्नाटक
  8. केरल
  9. मध्य प्रदेश
  10. गोवा
  11. झारखंड
  12. त्रिपुरा
  13. उत्तर प्रदेश
  14. बिहार

केंद्रीय सरकार अब वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम को पूरे देश में 1 जून 2020 से लागू करने जा रही है हालांकि सरकार ने इसे 100 फीसद तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। जिसे मार्च 2021 में पूरा कर लिया जाएगा।

वन नेशन वन राशन कार्ड – लाभ

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India – FCI), केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) और राज्य भंडारण निगम (SWC) के साथ हुई बैठक में इस सिस्टम को पूरे देश में शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होने बताया की राशन कार्ड को डिजिटल करने से देश में डीपो होल्डर द्वारा हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।

इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कुशल क्रियान्वयन (Effective implementation of National Food Security Act), पूर्ण कम्प्यूटरीकरण (End to end computerization), खाद्यान्नों के भंडारण और वितरण में पारदर्शिता (Transparency in storage and distribution of foodgrains) और एफसीआई, सीडब्ल्यूसी और एसडब्ल्यूसी डिपो के ऑनलाइन सिस्टम (Depot online System – DOS) के साथ समन्वय से देश में हो रही अन्न की कालाबाजारी को रोका जा सकेगा।

आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा राज्यों में पहले से ही यह इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट पीडीएस (IMPDS) सिस्टम चल रहा है। 1 साल के अंदर-अंदर बाकी के अन्य राज्यों को भी इससे जोड़ा जाएगा। उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops – FPS) में पहले से ही 78% पॉइन्ट ऑफ सेल (Point of sale – POS) मशीनें लगाई जा चुकी है।

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड – उद्देश्य

  1. एक राष्ट्र एक राशन कार्ड जो सभी लाभार्थियों, विशेष रूप से प्रवासी लोगों के लिए राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
  2. लोग अपनी पसंद की राशन शॉप से पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) का उपयोग करके राशन प्राप्त कर सकेंगे।
  3. भारतीय खाद्य निगम, केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) और राज्य भंडारण निगम में 612 लाख टन अनाज स्टोर होता है जो 81 करोड़ लोगों को बांटा जाता है जिस की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह योजना सार्वजनिक वितरण से जुड़ी 83 फीसदी आबादी को कवर करेगी। वहीं 23 राज्यों में मौजूद 67 करोड़ राशनकार्ड धारक (जो कुल PDS आबादी का 83 फीसदी है) अगस्त, 2020 तक नेशनल पोर्टेबिलिटी के तहत आ जाएंगे।

आधार कार्ड से लिंक होगी वन नेशन वन राशन कार्ड योजना 2020

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड का लाभ

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड का लाभ है वन नेशन वन राशन कार्ड में 10 अंकों का मानक राशन कार्ड नंबर शामिल होगा जिससे हम पूरे भारत में कहा पर भी राशन प्राप्त कर सकते है