राजस्थान सरकार प्रदेश में नवजात बच्चों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए मुख्यमंत्री नवजात सुरक्षा योजना 2020 शुरू करने जा रही है। वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग में सीएमएचओ कार्यालय से बातचीत करते हुए चिकित्सा-स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में कम वजनी, कुपोषित और समय से पहले जन्मे नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए इस सरकारी योजना का प्रारंभ किया जा रहा है। इसके साथ ही राजस्थान नवजात सुरक्षा योजना 2020 में कंगारू मदर केयर पद्धति को भी निरोगी राजस्थान अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में किसी भी नवजात की मौत नहीं हो, इसके लिए जल्द ही ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान सरकार से हाल ही में कोटा के एक अस्पताल में 100 से ज्यादा शिशुओं की मौत पर जवाब सौंपने के लिए कहा था। जिसके संदर्भ में ही राजस्थान सरकार द्वारा इस नवजात सुरक्षा योजना को प्रदेश में शुरू किया गया है। इसके तहत 77 मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किए जाएंगे, जो कि जिला और ब्लॉकस्तर पर जाकर आम लोगों के बीच जाकर कंगारू मदर केयर के प्रति जागरूक करेंगे।

प्रदेशभर में लगाए जाने वाले स्वास्थ्य मित्रों को भी कंगारू मदर केयर का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में और कमी आ सके। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर बेहतरीन काॅन्सेप्ट है, जिसमें बिना किसी खर्चे के केवल स्पर्श चिकित्सा के जरिए बच्चा बेहतर स्वास्थ्य पा सकता है।

मुख्यमंत्री नवजात सुरक्षा योजना 2020

राजस्थान सीएम नवजात सुरक्षा योजना को प्रदेश की सरकार निरोगी राजस्थान योजना 2019 के अंतर्गत मिलाएगी जिससे की स्वस्थ्य देखभाल को अगले चरण तक ले जाया जा सके। इसके अलावा कंगारू मदर केयर प्रोग्राम को समय-समय पर राज्य के हर जिलें में आयोजित किया जाएगा। जिससे लोगों के अंदर स्वस्थ्य को लेकर जागरूकता पहुंचाई जा सके।

राज्य सरकार के कंगारू मदर केयर केंद्रों में 77 मास्टर ट्रेनर होंगे जो जिलें और ब्लॉक में जाकर स्वास्थ्य केयर स्टाफ को प्रशिक्षण देंगे।

क्या है कंगारू मदर केयर

कंगारू मदर केयर एक ऐसी तकनीक है, जिसमें बच्चे को मां के सीने से चिपका कर रखा जाता है, जिससे माँ के शरीर की गर्मी बच्चे को मिल सके। ऐसा करने से मां का तापमान बच्चे को मिलने से बच्चे का तापमान स्थिर रहता है और उसे ठंडा बुखार होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। चिकित्सा मंत्री के बयान के अनुसार नवजातों के लिए ‘कंगारू मदर केयर’ बेहतरीन काॅन्सेप्ट है, जिसमें बिना किसी खर्चे के केवल ‘स्पर्श चिकित्सा’ के माध्यम से बच्चा बेहतर स्वास्थ्य पा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश भर में शिशु मृत्यु दर में हालांकि काफी कमी आई है। पहले जहां पर यह 41 प्रतिशत था वहीं अब 35 प्रतिशत रह गई है। आने वाले समय में इसे आगामी योजनाओं के माध्यम से और भी कम किया जाएगा। सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुधीर भंडारी ने कंगारू मदर केयर के बारे में बताते हुए माँ की गोद को प्राकृतिक इन्क्यूबेटर बताया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के अनुसार केएमसी काॅन्सेप्ट के जरिए ही बच्चे का संपूर्ण विकास होता है।