लेबर कार्ड से 8000 रूपये से 35000 रु की छात्रवर्ती (labour scholarship का लाभ केसे ले जानने के लिए क्लिक करे!

यदि आपका  श्रमिक कार्ड बना हुआ है तो आप तथा आपके परिवार के सदस्य 8000 रु से लेकर 35000 रु का लाभ ले सकते हो |

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        योजना का नाम –  निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना छात्रवृति |

कोनसी कक्षा में कितनी राशी ले सकते हो – 

1 . कक्षा 6 -8   –  छात्र – रु 8000 &  छात्रा / विशेष योग्यजन – रु 9000/-

2 .  कक्षा 9 -12  छात्र – रु 9000/-  &  छात्रा / विशेष योग्यजन – रु 10000/-

3 . आई टी आई  छात्र – रु 9000/- &  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 10000/-

4.  डिप्लोमा  छात्र – रु 10000/- & छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 11000/-

5.  स्नातक (सामान्य) छात्र – रु 13000/- &  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 15000/-

6.  स्नातक (प्रॉफेश्नल)* –  छात्र – रु 18000/- &  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 20000/-

7 . स्नातकोत्तर (सामान्य) – छात्र – रु 15000/- & छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 17000/-

8. स्नातकोत्तर (प्रॉफेश्नल)  छात्र – रु 23000/-  & छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 25000/-

मेधावी छात्र/छात्राओं को नकद पुरस्कार – 

1              कक्षा 8 से 10 – रु. 4000/-

2              कक्षा 11 से 12 – रु. 6000/-

3              डिप्लोमा – रु. 10000/-

4              स्नातक – रु. 8000/-

5              स्नातकोत्तर – रु. 12000/-

6              स्नातक (प्रॉफेश्नल) – रु. 25000/-

7              स्नातकोत्तर (प्रॉफेश्नल) – रु. 35000/-

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छात्रवर्ती लेने हेतु आवश्यक दस्तावेज – 

हिताधिकारी के पंजीयन परिचय-पत्र की प्रति
हिताधिकारी के बैंक खाते की पासबुक के प्रथम पृष्ठ (जिसमें हिताधिकारी का नाम, बैंक खाता संख्या व आईएफएससी कोड अंकित हो) की प्रति
जिस कक्षा या कोर्स के लिए छात्रवृति चाही गई है, उसकी अंकतालिका की स्व प्रमाणित प्रति।
शिक्षण/प्रशिक्षण संस्था के प्रधान द्वारा प्रपत्र के निर्धारित कॉलम में हस्ताक्षर एवं मुहर लगाया जाना आवश्यक है।
भरा हुआ योजना का फॉर्म
पिछले 12 माह का हिताधिकारी के निर्माण श्रमिक होने का प्रमाण पत्र
(योजना का फॉर्म डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे ) –  Click here
1 प्रत्येक छात्र/छात्रा को छात्रवृत्ति पाने हेतु निर्धारित प्रपत्र (प्रपत्र-1) में आवेदन पत्र भरकर स्थानीय श्रम कार्यालय अथवा मण्डल सचिव द्वारा अधिकृत अन्य अधिकारी/अन्य विभाग के अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
2 निर्धारित समयावधि में आवेदन पत्र ऑनलाइन भी प्रस्तुत किया जा सकेगा।
3 आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की समयावधि- आवेदन पत्र कक्षा उतीर्ण करने की तिथि से अधिकतम् 6 माह की अवधि में अथवा तत्पश्चात् आने वाली 31 मार्च तक, जो भी बाद में हो, प्रस्तुत किया जा सकेगा।
4 उपरोक्तानुसार आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत आवेदन पत्रों के परीक्षण उपरांत स्थानीय श्रम कार्यालय के वरिष्ठतम अधिकारी अथवा मण्डल सचिव द्वारा अधिकृत अन्य अधिकारी/अन्य विभाग के अधिकारी द्वारा स्वीकृति जारी कर छात्रवृत्ति हिताधिकारी के बैंक खाते में इलैक्ट्रोनिक माध्यम (आरटीजीएस/ एनईएफटी) से अथवा अकाउण्ट पेयी चैक के माध्यम से भुगतान की जायेगी।

नियम एंव शर्ते (पात्रता)- 

1 मण्डल में हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होय
2 हिताधिकारी के पुत्र/पुत्री/पत्नि ही शिक्षा सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के लिए पात्र होंगे;
3 हिताधिकारी की अधिकतम दो संतान अथवा एक संतान एवं पत्नी को ही छात्रवृत्ति प्राप्त करने की पात्रता होगी, परन्तु यदि पति-पत्नि दोनों पंजीबद्ध हिताधिकारी हों तो पति-पत्नि के अधिकतम दो बच्चों को छात्रवृत्ति की पात्रता होगी। परन्तु मेधावी छात्र/छात्राओं को नगद पुरस्कार के लिए कोई सीमा नहीं होगी;
4 कक्षा 6 से स्नातकोत्तर स्तर की कक्षा में सरकारी या केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी स्कूल या महाविद्यालय में नियमित रूप से अध्ययनरत हो; अथवा
5 राज्य में संचालित सरकारी या मान्य निजी आईटीआई एवं पॉलीटेक्नीक पाठ्यक्रम में नियमित अध्ययनरत हो;
6 मेधावी छात्र-छात्रा द्वारा नगद पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कक्षा 8 से 12 वीं तक की परीक्षा 7 % अंक या समकक्ष ग्रेड में उत्तीर्ण की हो। डिप्लोमा, स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षा में (चिकित्सा, इंजिनियरिंग या अन्य प्रोफेशनल परीक्षा सहित) 60 प्रतिशत या अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त की हो/उत्तीर्ण की हो;
7 हिताधिकारी की पत्नि को छात्रवृत्ति की पात्रता के लिए उसकी आयु 35 वर्ष से अधिक न हो तथा षिक्षण संस्था में नियमित अध्ययनरत हो;
8 किसी वर्ष के लिए छात्रवृत्ति सुसंगत परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने पश्चात् ही देय होगी;
9 ग्रीष्म अवकाश के बाद शिक्षण/प्रशिक्षण संस्था खुलने पर छात्र/छात्रा द्वारा आगामी कक्षा में प्रवेश प्राप्त करने पर ही छात्रवृत्ति की पात्रता होगी। परन्तु 12वीं कक्षा, डिप्लोमा, स्नातक अथवा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की अन्तिम परीक्षा उत्तीर्ण करने की स्थिति में आगामी कक्षा में प्रवेष लेना आवष्यक नहीं होगा;
10 अधिनियम की धारा 17 तथा नियम, 2009 के नियम 45 के प्रावधानानुसार जो हिताधिकारी लगातार एक वर्ष की कालावधि तक अंशदान जमा नहीं करता है तो वह हिताधिकारी नहीं रहेगा, अतः ऐसे अंशदान के जमा कराने में चूक करने वाले निर्माण श्रमिक के पुत्र/पुत्री/पत्नि को योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति देय नहीं होगी। परन्तु उपरोक्त धारा एवं नियम के परन्तुक के अधीन हिताधिकार पुनर्स्थापन (restoration) होने पर छात्रवृत्ति का भुगतान किया जायेगा।